Friday, May 21, 2010

एक शुरूआत





जलसा का पहला संकलन असद ज़ैदी के सम्पादन में 19 मई 2010 को छपकर आया
और हिन्दी के साहिबे-ज़बान कवि और गद्यकार मंगलेश डबराल को
उनके जीवन के 62 साल पूरे होने पर पेश किया गया.


इस अंक में :

विनोद कुमार शुक्ल

चन्द्रकांत देवताले

लीलाधर जगूड़ी

अशोक वाजपेयी

ज्ञानेन्द्रपति

वीरेन डंगवाल

पाई चुइ यी (अनु. त्रिनेत्र जोशी)

नरेन्द्र जैन

तादेऊश रूज़ेविच (अनु. उदय प्रकाश)

मनमोहन

शुभा

कृष्ण कल्पित

देवीप्रसाद मिश्र

लाल्टू

योगेन्द्र आहूजा

कुमार अंबुज

सत्यपाल सहगल

निर्मला गर्ग

अजन्ता देव

रवीन्द्र त्रिपाठी

ज्योत्स्ना शर्मा

नीलेश रघुवंशी

पंकज चतुर्वेदी

शिवप्रसाद जोशी

प्रियम अंकित

शिरीष कुमार मौर्य



3 comments:

  1. जलसा का प्रथम अंक मिला। कविता के पाठकों के लिए बेहद खूबसूरत प्रस्तुति। मंगलेश डबराल पर कृष्ण कल्पित का संस्मरणात्मक आलेख बेजोड़ है। विस्तृत टिप्पणी बाद में लिखूँगा। असद जी को धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ!

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  2. देवीप्रसाद मिश्रा की कहानी(एक अच्छी फिल्म बनाने के लायक) , मनमोहन की डायरी, नरेंद्र जैन की कविताएँ , मंगलेश जी के दुर्लभ फोटोग्राफ अच्छे लगे हैं अबतक ... भले ही पत्रिका बिना विज्ञापन के निकल रही हो तो भी एक सौ पचास रुपये कीमत कुछ अधिक है. स्तरीय चयन और संपादकीय दृष्टि भी उम्दा है. विचार के लिए थोड़ी और जगह होनी थी. इसका स्वागत किया जाना चाहिए. महेश वर्मा,अंबिकापुर,छत्तीसगढ़

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  3. प्रियवर, ब्लॉग मिला - बरसों पहले की बात है, स्वदेश दर्शन के बीच ट्रैवेलर्स चेक भुनाने बैंक गया, मैनेजर साहब ने मेरा पासपोर्ट हाथ में लेकर चाय मंगाई, फिर वह पासपोर्ट के पहले से आखीरी पन्ने तक कई बार आए गए. मेरा धैर्य छूट गया, उनसे निवेदन किया कि मेरा दस्तखत दूसरे पन्ने पर है तो! उन्होंने उत्तर दिया, "पासपोर्ट मैंने पहली बार देखा है, देख लेने दीजिए, न!"
    ब्लॉग वह भी हिंदी में, मैंने पहली बार देखा है!
    जलसा के लिए आपको बधाई की पुनरावृत्ति. देवीप्रसाद मिश्र की कहानी (शीर्षक पुल) पर फ़िल्मी कुदृष्टि न पड़े, तो अच्छा.
    लक्ष्मीधर मालवीय

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